Fri. Aug 19th, 2022

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दोस्तों आज मैं आपको अपनी परिवार की चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूँ। ये सच्ची कहानी है। आपको सेक्सी भी लगेगा और ये भी लगेगा की कोई ऐसा परिवार हो सकता है क्या? पर मुझे समझ नहीं आ रहा है इसमें गलती किसकी है। मेरा पति मुझे भी चोदता है मेरी माँ को भी और मेरी भाभी को भी। आपको मैं अपनी सारी बात बताने जा रही है आप खुद ही फैसला किजीये। कभी मुझे सही भी लगता है कभी मुझे गलत भी लगता है।

मेरी उम्र 19 साल की है। मेरी भाभी 24 की है। मेरी माँ 40 साल की है। मेरी माँ लगती नहीं है की वो चालीस साल की है। वो एकदम जवान लगती है। मेरी कर अभी कम है पर हॉट हूँ। सेक्सी हूँ। मेरी भाभी जबरदस्त मस्त औरत है। उनको अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ है। शादी के दो साल हो गए हैं। भैया फ़ौज में हैं। उनको डॉक्टर ने कह दिया है की आप बाप नहीं बनेंगे। खराबी है उनका शुक्राणु सही नहीं है। पापा अब नहीं रहे तो घर पर हम तीन मैं मेरी माँ और मेरी भाभी और मेरा पति जो की घर जमाई है।

अब आपको मेरे परिवार के बारे में पता चल गया होगा। मेरी शादी को अभी तीन महीने ही हुए हैं। मैंने खुद ही अपने मर्जी से शादी की हूँ मेरे पति मेरे से दस साल बड़े हैं। पसंद मेरी थी पर जब मेरे पति शादी का प्रस्ताव लेकर घर आये थे वो मेरी माँ मेरी भाभी फ़िदा हो गई थी इस वजह से मेरे भाई को ही हां कहना पड़ा था। और खुश ख़ुशी शादी हो गई।

सुहाग की रात को जब मेरी चुदाई हुई थी। उस दिन के सुबह ही मेरी भाभी चुदी थी। उसके दस दिन बात मेरी माँ को देखि अपने दामाद से सम्बन्ध बनाते हुए। अब मैं बिस्तर से बताती हूँ। शादी की रात को मैं बेताब थी चुदने के लिए, माँ मेरी पहले ही चली गई थी सोने के लिए और मैं भी खाना खाकर आ गई अपने कमरे में सोने के लिए यानी चुदने के लिए। मेरी भाभी जगी हुई थी सारा काम कर के वो सोती। पतिदेव मुझे गिफ्ट दिये और फिर क्या था चुम्मा चाटी से शुरू हुआ और कब मैं आगोश में आ गई उनके पता ही नहीं चला और दरवाजा अंदर से बंद नहीं किए और चुदाई शुरू हो गई। पहले उन्होंने मेरे सारे कपडे उतारे पर जेवर नहीं उन्होंने बोला एक फिल्म में देखा हूँ सुहागरात में सोने के गहने पहने दुल्हन को चुदते हुए। अब उन्होंने मेरी चूचियों से खेलने लगे। मैं इतरा रही थी बलखा रही थी। मेरी साँसे तो ऊपर निचे होने लगी जब वो मेरी चूत को चाटने लगे थे। मैं पानी पानी हो गई थी.

पसीने निकलने लगे और मेरे मुँह से सिसकारियां, दोस्तों उन्होंने पहले मेरे जिस्म से इतना खेला की मेरी चूत बहुत ही ज्यादा गीली हो गई थी। मेरी चूचियां बड़ी बड़ी हो गई थी निप्पल तन गए थे टाइट हो गया था। मैं भरी पूरी जिस्म की लड़की हु वो सारे अंग खिल गए थे। अब उन्होंने अपना लौड़ा मेरी चूत पर लगाया और धक्का दिया पर लंड का ही अंदर गया मैंने चुदने को बेताब थी पर अंदर लौड़ा जा नहीं रहा था। हम दोनों ही अनाड़ी थे। कई बार चीख रही थी। कई बार वो कह रहे थे इस बार चला जाएगा इस बार। पर कुछ हो नहीं रहा था। फिर जल्दीबाजी में उन्होंने जोर से धक्का दिया। लौड़ा तो अंदर गया नहीं पर मेरी चूत से खून जरूर निकलने लगा।

मैं भागी बाथरूम की तरह जैसे ही दरवाजे के पास पहुंची देखि दरवाजा तो थोड़ा खुला ही था। सोची गड़बड़ हो गई। रूम से बाहर आई तो भाभी दरवाजे के पास ही खड़ी मिली। मैं समझ गई वो हम दोनों को देख रही होगी। वो अपने कमरे में पहुंच गई भागकर। मैं उस समय कुछ नहीं बोली। जब बाथरूम से वापस आने लगी मेरे पैर में भाभी का ब्रा और ब्लाउज फंसा। मैं समझ गई मास्टरबेट कर रही होगी हम दोनों को देखकर। मैं उनके ब्लाउज और ब्रा उनको देने गई उनके कमरे में तो देखि वो सिसक रही थी और अपने चूत में बैगन दे रही थी।

मैं बोली भाभी आप ये क्या कर रही हो वो एकदम रुक गई। बोली तो फिर क्या करूँ ? जब गलत घर में शादी हो गई ? मुझे सिर्फ क्या खाने की भूख है ? आजकल खाने से ज्यादा जिस्म की भूख को शांत करने की जरुरत होती है। पर क्या करूँ मेरा नसीब ही ख़राब है। मैं समझ गई उनके बातों को। मैं बोली फिर हम दोनों मिल बांटकर ही खाते हैं। वो मेरे गले से लग गई। बोली पूजा तुम कितनी अच्छी हो। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। उसके बाद मैं अपने भाभी को भी अपने कमरे में लेकर आई और अपने पति से बोली। आज हम दोनों को चुदाई ये सिखाएंगी। आप तो दस मिनट से कोशिश कर रहे हो चूत में गया ही नहीं और आपने खून निकाल दी। मेरे पति सरमा गए। वो बोले अरे तुम ये सब बातें भाभी के सामने।

तो मैं बोली कोई बात नहीं सरमाने की जरुरत नहीं अब हम दोनों के साथ ये भी चुदेगी और फिर क्या था दोस्तों भाभी हम दोनों को चूत में लौड़ा पहली बार कैसे डालते हैं वो बताई। उन्होंने कहा था लौड़ा में पहले थूक लगा लो और तुम टाँगे दोनों इनके कंधे पर रखो और उनको बोलो चूत को देखकर ही लौड़ा घुसाने जब अनाड़ी बिना चूत देखे घुसाने की कोशिश करता है तभी लौड़ा चूत के अंदर नहीं जा पाता है। भाभी मेरी सच बोली थी। उन्होंने ऐसा ही किया और फिर उनका लौड़ा मेरी चूत में पूरा चला गया।

फिर क्या था दोस्तों मैं और मेरी भाभी दोनों ही अलग अलग ही तरीके से चुदे। उन्होंने हम दोनों को खुश कर दिया था। पूरी रात हम दोनों साथ चुदे अलग अलग तरीके से। सुबह होने पर भाभी अपने कमरे में चली गई और फिर मैं नहा धोकर मम्मी के साथ मंदिर। क्यों की रात में ही मम्मी कह दी थी कल सुबह सुबह मंदिर जाते हैं। तो मैं तैयार होकर चली गई।

जब वापस आई करीब एक घंटे के बाद तो देखि भाभी फिर से चुद रही है। मैं घर के अंदर गई और बोली क्यों भाभी रात भर में चूत की गर्मी उत्तरी नहीं क्या? तो वो बोली नहीं जी काफी दिनों की प्यासी हूँ। पर आज खुश हो गई हूँ रात में तो बँट गया था पर अभी पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई हूँ।

दोस्तों ऐसा ही सब कुछ चलता रहा पर एक दिन हैरान हो गई थी। जब भाभी और मैं मार्किट से वापस लौटी तो मैं अपनी माँ को चुदते देखि। मैं और मेरी भाभी दोनों हैरान हो गए थे। मेरी माँ जैसे चुदाई कर रही थी वैसा तो पोर्न मूवी में ही देखि थी वही स्टाइल वही अदाएं वही तरिका वैसे ही हाय हाय उफ़ उफ़ दोस्तों अब मेरी माँ हम दोनों की मास्टरनी निकली। हम दोनों करीब दस मिनट तक उन दोनों की चुदाई देखि फिर जब लगा दोनों झड़ने वाले है तभी घर से बाहर हो गए। उसके बाद दस मिनट बाद वापस आये।

वापस आने पर देखि माँ बेड पर बैठी थी वही पर मेरे पति भी बैठे थे हम दोनों कमरे में गए तो मेरी माँ बोलने लगी हम दोनों को इनसे पूछ रही हु आपको क्या क्या पसंद है। मैं और मेरी भाभी दोनों मुँह पर हाथ रखकर हसने लगे हम दोनों को तो पता था अभी ये क्या कर रही थी ? पर कुछ भी नहीं बोली।

एक घर में तीन औरत और तीनो की चुदाई कैसी लगी ये कहानी ? जल्द ही दूसरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लेकर आने वाली हूँ।

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