Wed. Aug 17th, 2022

माँ बेटा सेक्स, Mother Son Sex Story – कई बार ऐसा कुछ हो जाता है जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। कभी जो सोचती भी नहीं थी वही हो गया मेरी ज़िंदगी में। कई ऐसे सेक्स रिश्ते बन जाते है जो समाज की नजर में सही नही होता है पर क्या करे इंसान, किसका बस चलता है दिल पर। मैं भी एक गलती कहूं या कुछ और कहूं हो गया गया है। मेरा बेटा मेरे तरफ आकर्षित हुआ मैं भी हुई उसके तरफ और माँ बेटा का रिस्ता मोड़ ले लिया शारीरक सम्बन्ध बनाने तक।

मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर अपनी कहानी बताने जा रही हूँ। क्या हुआ था जो मैं उसके बाहों में और वो मेरी बाहों में आ गया था। और फिर रिश्ते अलग हो गए थे। पूरी कहानी जानिए।

मेरा नाम गीता है मैं 38 साल की हूँ। हरियाणा की रहने वाली हूँ दिल्ली में रहती हूँ। पति दिल्ली ले के आ गया हरियाणा का काफी ज़मीन बेचकर ताकि व्यापार करेंगे दिल्ली में और खुश रहेंगे। पर शायद ये सपना ही रह गया। जितने भी वह से पैसे लाये थे व्यापार में खराब हो गया। अभी भी किराये के मकान में रहकर ज़िंदगी तो ठीक करने की कोशिश कर रही हूँ।

मैं हरियाणवी हूँ तो अभी भी हॉट और सेक्सी हूँ दूध दही का शरीर है तो अभी जवान दिखती हूँ। चूचियां मेरी ऐसी है जैसे किसी जवान 20 साल की लड़की का ना हो ऐसी हूँ मैं। मेरी बनावट अभी ही कसी हुई है। गोरी हूँ, हॉट हु सेक्सी हूँ। यानी किसी भी लड़की से कम नहीं दिखती हूँ। ऐसे तो 38 साल की हो गई हूँ पर सेक्सी और सेक्स करने की इच्छा किसी भी लड़की को फेल कर सकती हूँ। पर दोस्तों यही तो बात है इंसान को जो चाहिए होता है वो कहा मिलता है। वैसा ही हुआ मुझे भी सब कुछ नहीं मिला। मुझे चुदाई चाहिए ठुकाई चाहिए चूत में चूचिओं को मसलने वाला हाथ चाहिए पर मिल नहीं रहा था।

कारण ये था। पति जब सब जगह से फेल हो गया पैसे ख़तम होने लगे तो वो दारु पिने लगा। अब और भी मुसीबत आ गई घर में। एक तो ऐसे ही पैसे की तंगी ऊपर से पति पियक्क्ड़। इतनी शराब पि तीन साल में की उसका चेहरा ख़तम हो गया बूढ़ा सा दिखने लगा है। दुबला पतला हो गया है। और रही बात सेक्स सुख देने की तो वो मुझे नहीं दे पा रहा था। लौड़ा ही खड़ा नहीं होगा और हाथ से चूत सहलाने से क्या फायदा आप खुद ही सोचिये।

ऐसा ही मेरे साथ होने लगा मेरा पति आता था रात में और मुझे नंगा करके के पूरा शरीर को सहलाते रहता था। लंड उसका मरा रहता था हाथ उसका चलते रहता था। मैं कितना बर्दाश्त करती ? इसलिए मैं धीरे धीरे दुरी बनाने लगी। और कुछ ही दोनों में अलग अलग सोने लगी।

अब वो रोजाना लड़ाई करने लगा रात को पी कर आता गाली देता गलत गलत बात बोलता। एक दिन उसने ये कह दिया लगता है तुम्हारा रिश्ता किसी और से हो गया है तभी तुम चुदाई की चिंता नहीं करती हो. लगता है तुम कहीं और चुद्वाती है तभी तुम इतनी शांत रहती है। मैं बोली कहा जाती हूँ घर से बाहर कभी नहींजाती ना किसी से मिलती हूँ। तो वो बोला तो घर में ही रंगरेलियां मना रही होगी बेटा जवान हो गया ये भी हो सकता है। तुम उसी से ही चूत मरवाती होगी।

दोस्तों मैं तो सन्न रही गई। दिवांश अभी २१ साल का है। मैं उसकी माँ हूँ वो पढाई करता है। आजकल कॉलेज बंद है तो घर पर ही रहता है। पति दिन भर बाहर रहता है। इसलिए वो मेरे पर शक करने लगा था की मैं अपने बेटे से ही चूत मरवाती हूँ। पर ऐसा नहीं था।

मैं सारी बात अपने बेटे को बता दी। तो वो कहने लगा आप चिंता क्यों करती हो? पता है पापा पागल हो गए हैं। आप चिंता नहीं करो मैं हूँ आपकी सभी जरुरत को पूरा करूंगा। तो मैं बोल दी बेटा तुम क्या क्या कर सकते हो ? तुम तो वही दे सकते हो जो एक बेटे का फ़र्ज़ है पर पति का जो फ़र्ज़ है वो तो पति ही पूरा कर सकता है। तभी वो बोल उठा जब तुम ऐसे भी बदनाम हो गई हो तो रिश्ते भी बन जाये तो कोई बात नहीं।

मुझे भी उसकी बात में दम लगा। क्यों की अगर वो घर से बाहर मुँह मरेगा तो पता नहीं कौन सी रंडी फंसा लेगी और वो मेरे घर की बहु बन जाएगी। उसकी दिन से थोड़ा नजरिया चेंज हो गया मेरा। क्यों की खुलकर बात हुआ था हम दोनों के बिच पर सेक्स की बात तक नहीं पहुंची मैं बोल दी थी की ऐसा कुछ नहीं होगा। मैं माँ हूँ और तुम मेरा बेटा।

एक दिन की बात है पति रात को पी कर आया मुझे गालिया देने लगा फिर से वही कहने लगा आजकल तेरी चूत में जवान लंड जा रहा है इसलिए तुम इतरा रही है। और गालिया देते देते वो घर से बाहर चला गया और फिर फ़ोन किया की मैं अपने दोस्तों के साथ अजमेर जा रहा हूँ। दो दिन नहीं आऊंगा। मैं रो रही थी तभी बेटा भी आ गया था।

उसने मुझे रोता देख पूछने लगा की आज फिर उन्होंने तुम्हे बोला की तुम मेरे से फंसी हुई हो। मैं हां बोल दी। उसने मुझे चुप कराते हुए मेरे होठ पर किस कर लिया मैं आंसू लिए आँख से ही उसे देखने लगी। वो फिर से मेरे करीब आया अब लिप को लॉक कर लिया और मेरे होठ को चूसने लगा। धीरे धीरे वो मेरे बूब्स दबाने लगे। धीरे धीरे मेरे बदन को सहलाने लगा मेरी जांघ को सहलाने लगा।

मैं बोली दरवाजा ठीक से बंद कर लो। वो तुरंत भी बाहर का दरवाजा बंद कर दिया। मैं खड़ी वो जल्दी से आकर मेरे से लिपट गया और मेरे होठ को चूसते हुए मेरी बूब्स को मसलने लगा। मैं होश खोने लगी। मैं पागल होने लगी जवान लड़के का हाथ पड़ा था मेरी बूब्स में मैं बौखला गई थी। वो सब कुछ हो रहा था जो मैं सोचती थी जो चाहती थी।

फिर वो मुझे बैडरूम में ले गया और मेरे कपडे उतार दिया मैं भी उसके कपडे उतार दिए। वो मेरी बूब्स को दबाते हुए पि रहा था. निप्पल दबा रहा था। मेरी चूत गरम हो चुकी थी। अब मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसके लंड को चूसने लगी। मोटा दमदार लंड छूते ही मेरी चूत में पानी आ गया। अब मेरे तन बदन में आग लगने लगी सुरसुराहट बढ़ गई थी मेरी चूत में।

उसने भी बिना देरी किये अपना लौड़ा मेरी चूत में डालने के लिए आतुर हो गया था। मैं लेट गई वो मेरे पैरों के बिच में आ गया। मोटा लौड़ा का सुपाड़ा मेरी चूत पर लगाया और जोर से पेल दिया। हाय दोस्तों मजा आ गया था। मुझे संतुष्टि मिली। ऐसे ही लंड की जरुरत थी मुझे जो आज मेरे बेटे ने पूरी कर दिया था मेरी चूत में डालकर। अब वो मुझे जोर जोर से चोदने लगा और मैं भी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी। चूचियां मसलते हुए चूत में जब मोटा लंड जाता है पुरे शरीर में करंट सी दौड़ती है और मुँह से अपने आप सिसकारियां निकल आती है। मेरे साथ भी ऐसा ही हो रहा था।

करीब एक घंटे तक उसने मुझे चोदा फिर अपना माल मेरी चूत में गिरा दिया। उस दिन के बाद से तो मुझे कोई शिकायत नहीं है पति से साला आये या नहीं दारु पिए या मर जाए मुझे कोई मतलब नहीं। जो चाहिए था वो मिल गया। रही बात काम और बिज़नेस की तो खुद ही माँ बेटा मिलकर ऑनलाइन सामान बेच रहे हैं। पैसे ही आ रहा है खुशियां भी है। कोई दिक्कत नहीं। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे थे। मैं अपनी दूसरी कहानी इस वेबसाइट पर जल्द लेकर आने वाली हूँ।

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