Sun. Jul 3rd, 2022
dadi poti ki chudai

Grand Mother Sex, Budhi Aurat ki Chudai, Dadi sex Story, Dadi aur poti ki chudai story : आज रात मुझे मौक़ा मिला एक जवान यानी की अठारह साल की और एक साठ साल की बूढी औरत दोनों को एक साथ चोदने का आज आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जैसा की आपने आजतक न पढ़ा होगा ना सुना होगा। ये कहानी आपने आप में ही बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी सेक्स कहानी है। इसलिए आपको भी बता रहा हूँ नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से।

हर किसी के नसीब में ऐसी हसीन रात सेक्सी रात नहीं होती है जिसमे आपको दो लोगोंकी चुदाई उसमे से भी एक जिसकी जवानी अभी उतावली है और एक ऐसी जिसकी जवानी ढल चुकी है जब आपको दोनों ही एक बेड पर चुदने के लिए मिले तो आपको कैसा लगेगा। एक की चूचियां बड़ी मुलायम और एक की बहुत टाइट। एक की चूत में सूखापन और एक की चूत में गीलापन। ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह हो गए ना आप भी सेक्सी और लंड भी आपका मुस्कुराने लगा न?

मैं भी आपके जैसा ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम का फैन हूँ। मुझे भी यहाँ पर सेक्स कहानियां पढ़ना बहुत ही अच्छा लगता है इसलिए मैं रोजाना सेक्स कहानी पढ़कर मूठ मारकर ही सोता हूँ। मेरी उम्र मात्रा 21 साल है मैं दिल्ली में रहता हूँ अपने पापा के साथ और पढ़ाई करता हूँ।

मेरी माँ अभी गाँव गयी थी इसलिए मैं अकेला था तो मेरे पापा का दोस्त अनिल अंकल भी पापा के ऑफिस में ही है उनकी एक बेटी और माँ उनके साथ रहती है उनकी बीवी किसी लड़के के साथ भाग गई है तो घर में बस दादी और पोती ही रहती है। तो अनिल अंकल और पापा जब ऑफिस टूर के लिए जाने लगे साथ कुछ दिनों के लिए तो यही डिसाइड हुआ की दादी और पोती दोनों मेरे साथ ही रह ले ताकि हम तीनो को ही किसी तरह की दिक्कत नहीं हो।

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इसलिए पूजा और पूजा की दादी दोनों मालवीय नगर से नॉएडा आ गए। उसी दिन पापा और पापा के दोस्त अनिल अंकल दोनों ऑफिस टूर पर चले गए। मुझे थोड़ा अजीव लग रहा था क्यों की दादी भी थी ऐसा लग रहा था की वो हमेशा अपना चलाएगी और डाँटेगी जैसा की दादी करती है।

पर मन ही मन पूजा को लेकर ख़ुशी थी। एक जवान लड़की जब घर में आ जाये और वो भी हॉट और सेक्सी हो तो कैसा लगेगा। मैं भी उसके बड़ी बड़ी सुडौल चूचियों और गांड के उभार ो देखकर पागल बन रहा था मन ही मन सोच रहा था की काश मुझे एक किस करने दे देती, पूजा की होठ पिंक कलर कर था और बड़ी सेक्सी था। बदन गोरा और चाल हिरणी की तरह मेरा मन जब से आई थी तब से ही ललच रहा था।

और रात के करीब ग्यारह बजते बजते हम दोनों एक दूसरे के करीब आ गए। उसने मुझे अपना दोस्त बनाने का ऑफर दे दिया उसने कहा मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है मुझे किसी पर बिस्वास नहीं होता और मैं उसको बिस्वास दिलाने में कामयाब हो गया की मैं एक बेहतरीन बॉयफ्रेंड बनुगा जैसा वो चाहती है।

पर दोस्तों भावनाओं में बहने का अर्थ सिर्फ रंगीन रातें करनी थी। दादी तबतक सो गयी थी हमदोनो नेटफ्लिक्स पर सेक्सी मूवी देख रहे थे एक सेक्स सिन आया और हीरो हीरोइन चुदाई करने लगा। तभी पूजा मेरे तरफ देखि और बोली क्या ख़याल है मैंने कहा जो तेरा ख्याल है। सोफे पर बैठे बैठे ही हम दोनों करीब आ गए और एक दूसरे को चूमने लगे।

ओह्ह्ह्हह्ह गुलाबी होठ बड़ी बड़ी टाइट चूचियों को छूते ही मेरा लौड़ा पेंट में तम्बू गाड़ दिया और फिर पूजा भी कम छिनार नहीं थी उसने भी भर मुठ्ठी पकड़ ली तो और भी मेरा लौड़ा फ़ैल गया और नौ इंच के करीब हो गया। मैंने पूजा से कहा बैडरूम के चलने को वो तुरंत ही राजी हो गयी।

दरवाजा सटाते हुए हम दोनों एक दूसरे पर टूट पड़े। हम दोनों ने एक दूसरे के कपडे उतारे। और फिर पूजा पलंग पर लेट गयी। मैं तुरंत ही उसके ऊपर चढ़ गया और चूचियां पीने लगा। दबाने लगाए। पूजा की सिसकारियां मुझे और भी ज्यादा पागल कर रहा था। मैं पूजा के होठ को चूसते हुए गर्दन पर आया फिर चूचियों को फिर दबाया और निप्पल को अपने दांतो से हौले हौले से दबाया। वो तो पागल होने लगी उसकी गरम गरम साँसे मुझे महसूस हो रही थी।

मैं नाभि में जीभ फिराते हुए दोनों टांगो के निचे बैठ गया दोनों टांगो को अलग अलग पर पहले उसकी चूत को अच्छे से देखा और चाटना शुरू किया। उसकी चूत काफी गीली थी और गरम गरम पानी बार बार छोड़ रही थी जो नमकीन लग रहा था। मुझे पूजा का वर्जिन चूत चाटने में बहुत मजा आ रहा था।

मैं पूजा को सहलाने लगा वो अपना होठ अपने दांतो के बिच में लाकर दबा रही थी जिसे वो और भी सेक्सी लग रही थी। उसने अपने बाल खोल दिए तो और भी हॉट लगने लगी थी। मैं अपने आप को काबू नहीं कर पा रहा था। मैंने अपना लंड निकाला और दोनों टांगो को अपने कंधे पर रखा और उसके चूत पर सेट किया। और जोर से धक्के दिया पर मेरा लंड मोटा था और उसकी चूत काफी टाइट तो लंड चूत में जा नहीं रहा था।

उसने भी मेरी मदद की उसने मेरा लंड पकड़ कर खुद चूत में लगाई और अपना गांड हौले से ऊपर की और टेढ़ा की और बोली घुसाने तो मैं भी आराम से धक्के दिया की पूरा का पूरा लंड उसकी रसीली चूत में प्रवेश हो गया। पर वो धक्के देने से मना करने लगी क्यों की उसकी सील टूट गयी थी और थोड़ा से खून भी निकलने लगा था। पर मैं कहाँ माननेवाला मैं धीरे धीरे कर आगे पीछे लंड देने लगा और घुसाने लगा।

दस मिनट की चुदाई में ही वो कामुक हो गयी और अजीब से आवाज निकलने लगाई। जैसे ही मैं धक्के देता वो हाययययययय ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करती। वो कामुक भरी आवाज से मेरा लंड और भी मोटा होता और मैं जोर जोर से धक्के देने शुरू कर देता।

करीब आधे घंटे तक चोदने के बाद जब वो और भी जोर जोर से आवाज निकालने लगी तभी उसकी दादी कमरे में आ गयी वो हैरान हो गई। पूजा को चुड़ते देख कुछ नहीं बोली, उसने जो एक बात बोली “तुम्हारा लौड़ा कितना बड़ा और मोटा है” और फिर मेरे लंड को देखने लगी।

उसके बाद पूजा को देखि और फिर मुझे देखते हुए बोली मुझे भी चोदो। ओह्ह्ह्ह इतना कहते ही वो मुझे चूमने लगी। और अपने कपडे उतार दी। मैं भी कहा रुकने वाला। मैंने अपना लंड उनके मुह्ह में दे दिया वो मेरे लंड को चाटने लगी। फिर मैं निचे आकार उनके चूत में ऊँगली डाली तो चूत गीली नहीं थी।

मैंने तुरंत थूक लगाया उनके चूत में और अपने लंड में और फिर जोर से धक्के दिया और बड़ी बड़ी चूचियों को दबाते हुए चोदने लगा। करीब आधे घंटे तक उनको चोदा तब तक पूजा दादी को चुदवाने में हेल्प कर रही थी। फिर पूजा की बारी फिर दादी को ऐसे ही पूरी रात मैं दोनों को चोदता रहा।

पापा और अंकल को आने में अभी दस दिन है। और हम तीनो ही मजे में हैं। नॉनवेज स्टोरी पर मैं अपनी दूसरी कहानी जल्द ही लिखने वाला हूँ.

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