Mon. Jul 4th, 2022

मैं मनोज झा, दिल्ली में रहता हूँ, आपको मैं अपनी कहानी बता रहा हु, कैसे मेरी सास मेरे से चुदने लगी और बाद में वो मेरे साथ शादी कर ली, मेरी पत्नी २१ साल की है और मेरी सास ३९ साल की, मैं गुडगाँव के एक कंपनी का टीम मैनेजर हु, मेरी शादी कानपूर में हुयी है, मेरी पत्नी सरिता अकेली संतान है, सरिता के पिताजी का देहांत हो चूका है, सरिता से मैंने लव मैरिज शादी की है, वो बड़ी ही खूबसूरत है, पर सरिता की मम्मी जो की मेरी सास है उसके बारे में क्या कहने बड़ी ही मॉडर्न है, जब से उनके पति की मृत्यु हुयी है तब से वो कानपूर छोड़ दी और दिल्ली में ही रहने लगी, काफी पैसा वीमा से मिल गया था इस वजह से बाकी की ज़िंदगी काटने के लिए उनके पास काफी पैसा है. वो खुले बिचार की औरत है, अभी वो जिम जाती है, योग करती है, विंदास औरत है,

मेरी शादी के बाद हम तीनो एक साथ रहने लगे, खूब अपने शादी का एन्जॉय किया, हनीमून पे गया, सरिता काफी खुश थी मेरे साथ, मेरी सास हम दोनों का काफी ख्याल रखती थी, मेरी और सरिता दोनों की छुटियाँ खतम हो गयी मेरी वाइफ बैंक में नौकरी करती है, वो सुबह आठ बजे ही चली जाती और मेरी ड्यूटी हमेशा ३ बजे दिन से है क्यों की मेरी कंपनी बाहर की है, मुझे शाम के शिफ्ट में जाना होता है, रात को करीब ११ से १२ बजे के बीच आ जाता था, उसके बाद तो आपको पता ही है, मैं आकर सरिता को खूब चुदाई करता था, करीब करीब २ से तीन बार मैं सरिता को चोदता और गांड मारता क्यों की मेरी वाइफ जबर्दश्त सेक्स बम है, साली जिधर से देखो उधर से ही वो सेक्सी डॉल लगती है भला कौन छोड़ेगा उसे, बस चुदाई ही चुदाई,

सरिता तो बैंक चली जाती थी, घर में मैं और मेरी सास रह जाती थी, वो बड़ी ही सेक्सी नाईटी पहनती थी, कंधे पे सिर्फ एक पतली सी डोरी होती थी और आधा चूच उनका दिखाई देते रहता था, जब तक मेरी वाइफ घर पे होती थी वो ऊपर से भी गाउन पहनती थी पर जाते ही वो गाउन उतार देती थी, अब उनकी सॉलिड चूचियाँ मेरे सामने हिलते डुलते रहती थी, गांड भी वो मटका मटका के चलती थी, क़यामत धा देती थी, धीरे धीरे मैं उनको घूरने लगा था और मूठ भी मारने लगा था कभी बाथरूम में तो कभी रजाई के अंदर.

मेरा बर्थडे था, मेरी वाइफ मुझे विश कर के बैंक चली गयी, फिर मेरे कमरे में मेरी सास आई, पारदर्शी नाईटी पहनी थी, उनकी चूचियाँ सास साफ़ दिख रही थी, आके वो मुझे विश की और मेरे गले लग गयी, वो मेरे पीठ को सलहलाते हुए आशीर्वाद देने लगी, पर उनकी चूचियाँ मेरे सीने को गरम कर रही थी, मैंने भी उनको अपने बाहों में ले लिया, पर वासना भड़क रही थी मेरी और शायद उनकी भी, गले लगने का सिलसिला थोड़ा देर ज्यादा हो गया, वो मुझे अपनी बाहों में समेटी थी और मैं भी उनको कब दोनों के होठ भी एक दूसरे से चिपक गए पता ही नहीं चला, कब मेरा हाथ उनके चुच्ची तक पहुंच गया और उनका हाथ मेरे लंड तक.

फिर क्या था दोनों एक दूसरे को पकड़ते हुए, बेड पे लेट गए, सासु माँ धीरे से बोली, मनोज शायद ये अच्छी बात नहीं है मैं तुम्हारी सास हु, तो मैंने कहा किसको पता चलेगा, हम दोनों बंद कमरे में है, आपको भी तो जरूरत है, अभी तो आपका जिस्म जवान है, क्या आपको अच्छा नहीं लग रहा है, तो सास बोली अच्छा तो लग रहा है, पर क्या करूँ जालिम समाज के बारे में ही सोचना है, ये सब कहते कहते मैंने उनके पेंटी में हाथ घुसा दिया, ओह्ह्ह्ह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों सासु माँ का चूत गरम हो चूका था और लस लसा सा पानी निकलने लगा था मैंने उनके चूत में ऊँगली डाली तो चूत भट्ठी की तरह जल रहा था, फिर उन्होंने ही अपनी नाईटी उतार दी,

वो नंगी हो गयी, उनका भरा पूरा शरीर मेरे सामने पड़ा था, मैंने भी अपने कपडे उतार दिए, वो मेरे लंड को अपने मुह में लेके चाटने लगी, आअह आआह आआह आआह और मैंने भी उनकी चूची को दबा रहा था, फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए, वो मेरे लंड को और मैंने उनके चूत के चाटने लगे, इतने में मेरी सास दो बार पानी छोड़ चुकी थी, मैं भी एक बार झड़ गया था, फिर थोड़े देर बार मैंने उनके दोनों पैर को अलग अलग किया और अपना लंड का सुपाड़ा उनके चूत के ऊपर रख के, एक झटका दिया और पूरा लंड उनके चूत के अंदर समा गया, अब तो मेरी सास हरेक झटके पे हाय हाय हाय आआअह आआआह उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ कर रही थी, सच बताऊँ दोस्तों मुझे पता ही नहीं चल रहा था की मैं अपने सास को चोद रहा हु, मुझे तो ऐसा लग रहा था मैं अपनी साली को चोद रहा हु, क्यों की चूत काफी टाइट और जिस्म भी गजब का था.

फिर यह सिलसिला रोज रोज चलने लगा, मेरी पत्नी को ये सब बात का शक होने लगा था शायद, पर वो कभी मुझे से कुछ बोली नहीं, एक दिन रविवार का दिन था, उसने मुझे और अपनी माँ को बैडरूम में बुलाया और उसने बताया, मुझे सब कुछ पता चल चूका है, क्यों की मैंने बैडरूम में एक छुपा हुआ कैमरा लगा दिया था ताकि सब कुछ रिकॉर्ड हो सके मैं सिर्फ अपनी तसल्ली के लिए ये सब किया, तभी सासु माँ रोने लगी और कहने लगी बेटी मुझे माफ़ कर दो, मैं भी बहक गयी थी, क्या करती मैं अपने मन को रोक नहीं सकी, मैं भी तो इंसान हु, तुम खुद सोचो, अगर आज मैं दूसरी शादी कर लेती तो तुम्हारा क्या होता इस वजह से मैं दूसरी शादी नहीं की ना तो कभी घर के बाहर मुह मारा, मुझे माफ़ कर दो अब ऐसा नहीं होगा.

फिर मेरी वाइफ अपने माँ को गले से लगा लिया और बोली नहीं नहीं माँ रोते नहीं आपका दुःख मैं समझ सकती हु, ऐसा क्यों नहीं करते अब से मनोज हम दोनों का पति हो जाये, तो मेरी सास बोली नहीं नहीं बेटी, यहाँ मोहल्ले बाले क्या सोचेंगे, तो मेरी पत्नी बोली माँ आप चिंता ना करो हम लोग दूसरे जगह चले जाते है, ताकि नए जगह पे सब को पता रहे है मनोज की दो शादी है, फिर हम तीनो आर्य समाज मंदिर गए और मैंने अपने सास के मांग में सिंदूर भरा और पति पत्नी बन गए, अब मैं बीच में सोता हु और दोनों मेरे अगल बगल, जब मन होता है उसकी को चुदाई करता हु और कभी कभी दोनों के एक साथ, मेरी ज़िंदगी काफी अच्छी चल रही है, आपको मेरी कहानी कैसी लगी जरूर बताये प्लीज और रेट भी करें,

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